बेख़याली - Bekhayali (Sachet Tandon, Arijit Singh, Kabir Singh)

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Movie/Album: कबीर सिंह (2019)
Music By: सचेत-परंपरा
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: सचेत टंडन, अरिजीत सिंह

बेख़याली, में भी तेरा
ही ख्याल आए
क्यूँ बिछड़ना, है ज़रूरी
ये सवाल आए
तेरी नज़दीकियों, की ख़ुशी
बेहिसाब थी
हिस्से में फ़ासले, भी तेरे
बेमिसाल आए

मैं, जो तुझसे दूर हूँ
क्यूँ दूर मैं रहूँ
तेरा गुरुर हूँ
आ, तू फासला मिटा
तू ख़्वाब सा मिला
क्यूँ ख़्वाब तोड़ दूँ

बेख़याली में भी तेरा
ही ख्याल आए
क्यूँ जुदाई दे गया तू
ये सवाल आए
थोड़ा सा मैं खफ़ा, हो गया
अपने आप से
थोड़ा सा तुझपे भी, बेवजह
ही मलाल आए

है ये तड़पन है ये उलझन
कैसे जी लूँ बिना तेरे
मेरी अब सब से है अनबन
बनते क्यूँ ये ख़ुदा मेरे

ये जो लोग बाग हैं
जंगल की आग हैं
क्यूँ आग में जलूँ
ये नाकाम प्यार में
खुश हैं ये हार में
इन जैसा क्यूँ बनूँ

रातें, देंगी बता
नीदों में तेरी ही बात है
भूलूँ, कैसे तुझे
तू तो ख़यालों में साथ है
बेख़याली में भी...

नज़रों के आगे, हर इक मंज़र
रेत की तरह, बिखर रहा है
दर्द तुम्हारा, बदन में मेरे
ज़हर की तरह, उतर रहा है
नज़रों के आगे...

आ ज़माने, आज़मा ले, रूठता नहीं
फ़ासलों से, हौंसला ये, टूटता नहीं
ना है वो बेवफ़ा, और ना, मैं हूँ बेवफ़ा
वो मेरी आदतों, की तरह, छूटता नहीं

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